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mahabharat 6.64.51-52h: महाराज! तत्पश्चात् राजा भगदत्त ने क्रोधित होकर एक मुड़े हुए सिरे वाले बाण से भीमसेन की छाती में गहरा प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.64.51-52h 
ततस्तु नृपति: क्रुद्धो भीमसेनं स्तनान्तरे॥ ५१॥
आजघान महाराज शरेणानतपर्वणा।
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् राजा भगदत्त ने क्रोधित होकर एक मुड़े हुए सिरे वाले बाण से भीमसेन की छाती में गहरा प्रहार किया।
 
Maharaj! Thereafter King Bhagadatta became angry and struck Bhimasena deeply in the chest with an arrow having a bent tip. 51 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)