Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.64.47-48: हे राजन! प्राग्ज्योतिष्य के राजा भगदत्त का हाथी उन महारथियों द्वारा चलाये गये अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा से बुरी तरह घायल हो गया था, जो नाना प्रकार के चिन्ह धारण किये हुए थे और अत्यन्त तेजस्वी थे। वह युद्धभूमि में रक्त से सना हुआ दिखाई दे रहा था, मानो वह सूर्य की लाल किरणों से रंजित कोई विशाल बादल हो। | mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! प्राग्ज्योतिष्य के राजा भगदत्त का हाथी उन महारथियों द्वारा चलाये गये अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा से बुरी तरह घायल हो गया था, जो नाना प्रकार के चिन्ह धारण किये हुए थे और अत्यन्त तेजस्वी थे। वह युद्धभूमि में रक्त से सना हुआ दिखाई दे रहा था, मानो वह सूर्य की लाल किरणों से रंजित कोई विशाल बादल हो।
O King! The elephant of King Bhagadatta, the King of Pragjyotishya, was badly wounded by the shower of weapons fired by all those great warriors who wore various kinds of symbols and were extremely illustrious, and was visible on the battlefield with its head stained with blood, as if it were a huge cloud colored by the red rays of the sun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥