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mahabharat 6.64.35-36h: इसके बाद पाण्डुवंश के वीर योद्धा भीमसेन ने युद्धस्थल में सत्तर बाणों से वीरबाहु को उसके घोड़े, ध्वजा और सारथि सहित मार डाला और उसे परलोक भेज दिया ॥35 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.64.35-36h 
वीरबाहुं च सप्तत्या साश्वकेतुं ससारथिम्॥ ३५॥
निनाय समरे वीर: परलोकाय पाण्डव:।
 
 
अनुवाद
इसके बाद पाण्डुवंश के वीर योद्धा भीमसेन ने युद्धस्थल में सत्तर बाणों से वीरबाहु को उसके घोड़े, ध्वजा और सारथि सहित मार डाला और उसे परलोक भेज दिया ॥35 1/2॥
 
After this, Bhimsen, the brave warrior of Pandanu, killed Veerbahu along with his horse, flag and charioteer in the battlefield with seventy arrows and sent him to the next world. 35 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)