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mahabharat 6.64.25: तब सब लोग बिना किसी भय के आपके पुत्र के सिर पर शक्तिशाली अस्त्रों की भयंकर वर्षा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.64.25 
ततस्तु तुमुलां वृष्टिं शस्त्राणां तिग्मतेजसाम्।
पातयामासुरव्यग्रा: पुत्रस्य तव मूर्धनि॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब सब लोग बिना किसी भय के आपके पुत्र के सिर पर शक्तिशाली अस्त्रों की भयंकर वर्षा करने लगे।
 
Then all the people, without any fear, began a fierce shower of powerful weapons on the head of your son. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)