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mahabharat 6.64.21: राजा! धनुष कट जाने पर आपका पुत्र क्रोध से मूर्छित हो गया। कटे हुए धनुष को फेंककर उसने तुरन्त ही दूसरा धनुष उठा लिया, जो उससे भी अधिक शक्तिशाली था।   |   mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.64.21 
सोऽपविद्धॺ धनुश्छिन्नं पुत्रस्ते क्रोधमूर्च्छित:।
अन्यत् कार्मुकमादत्त सत्वरं वेगवत्तरम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
राजा! धनुष कट जाने पर आपका पुत्र क्रोध से मूर्छित हो गया। कटे हुए धनुष को फेंककर उसने तुरन्त ही दूसरा धनुष उठा लिया, जो उससे भी अधिक शक्तिशाली था।
 
King! When the bow was cut, your son fainted in anger. Throwing away the cut bow, he immediately took another bow which was even more powerful than that. 21.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)