Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.63.25: वह सूर्य के समान तेजस्वी विशाल रथ पर सवार होकर वहाँ आया, जिसके पहियों की घोर ध्वनि हो रही थी, और वह मेघ के समान बाणों की वर्षा से सब को ढक रहा था।   |   mahabharat अध्याय 6.63: युद्धस्थलमें प्रचण्ड पराक्रमकारी भीमसेनका भीष्मके साथ युद्ध तथा सात्यकि और भूरिश्रवाकी मुठभेड़   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 63: युद्धस्थलमें प्रचण्ड पराक्रमकारी भीमसेनका भीष्मके साथ युद्ध तथा सात्यकि और भूरिश्रवाकी मुठभेड़  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.63.25 
महता रथघोषेण रथेनादित्यवर्चसा।
छादयन् शरवर्षेण पर्जन्य इव वृष्टिमान्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वह सूर्य के समान तेजस्वी विशाल रथ पर सवार होकर वहाँ आया, जिसके पहियों की घोर ध्वनि हो रही थी, और वह मेघ के समान बाणों की वर्षा से सब को ढक रहा था।
 
He came there riding on a huge chariot, as radiant as the Sun, with the loud noise of its wheels, covering everyone with a shower of arrows, like a pouring cloud. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)