Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.63.18-19: लोगों ने भीमसेन की उस भयंकर गदा को देखा, जो विनाश करने में समर्थ थी, रुद्र के पिनाक और यम के दण्ड के समान भयंकर थी, जो प्रलयकाल में प्राणियों का संहार कर देती है। उसकी ध्वनि इन्द्र के वज्र के समान थी।   |   mahabharat अध्याय 6.63: युद्धस्थलमें प्रचण्ड पराक्रमकारी भीमसेनका भीष्मके साथ युद्ध तथा सात्यकि और भूरिश्रवाकी मुठभेड़   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 63: युद्धस्थलमें प्रचण्ड पराक्रमकारी भीमसेनका भीष्मके साथ युद्ध तथा सात्यकि और भूरिश्रवाकी मुठभेड़  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  6.63.18-19 
पिनाकमिव रुद्रस्य क्रुद्धस्याभिघ्नत: पशून्॥ १८॥
यमदण्डोपमामुग्रामिन्द्राशनिसमस्वनाम्।
ददृशुर्भीमसेनस्य रौद्रीं विशसनीं गदाम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
लोगों ने भीमसेन की उस भयंकर गदा को देखा, जो विनाश करने में समर्थ थी, रुद्र के पिनाक और यम के दण्ड के समान भयंकर थी, जो प्रलयकाल में प्राणियों का संहार कर देती है। उसकी ध्वनि इन्द्र के वज्र के समान थी।
 
People saw that terrible mace of Bhimasena, which was capable of causing destruction, as terrifying as Rudra's Pinaka and Yama's Danda, which kill animals during the time of deluge. Its sound was like Indra's thunderbolt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)