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mahabharat 6.62.8: शल्य के बाणों से घायल होकर धृष्टद्युम्न अत्यन्त क्रोधित हो गये और उन्होंने लोहे के बने नौ बाणों से मद्रराज शल्य को अत्यन्त पीड़ा पहुँचायी।   |   mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.62.8 
धृष्टद्युम्नस्तु शल्येन पीडितो नवभि: शरै:।
पीडयामास संक्रुद्धो मद्राधिपतिमायसै:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
शल्य के बाणों से घायल होकर धृष्टद्युम्न अत्यन्त क्रोधित हो गये और उन्होंने लोहे के बने नौ बाणों से मद्रराज शल्य को अत्यन्त पीड़ा पहुँचायी।
 
Dhrishtadyumna became very angry after being hit by Shalya's arrows and he inflicted severe pain on Madra king Shalya with nine arrows made of iron.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)