श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.62.7 
संजय उवाच
क्षयं मनुष्यदेहानां गजवाजिरथक्षयम्।
शृणु राजन् स्थिरो भूत्वा तवैवापनयो महान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा - राजन! उस युद्ध में मनुष्यों का बहुत बड़ा संहार हुआ है। हाथी, घोड़े और रथ भी नष्ट हो गए हैं। यह सब चुपचाप सुनो। यह तुम्हारे महान अन्याय का फल है।॥7॥
 
Sanjaya said - King! There has been a great slaughter of human bodies in that war. Elephants, horses and chariots have also been destroyed. Listen to all this quietly. This is the result of your great injustice. ॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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