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mahabharat 6.62.64: महाराज! आपकी सेना के वे सभी हाथी चारों ओर से गदाओं और बाणों द्वारा आक्रमण करके अपने ही सैनिकों को कुचलते हुए भाग रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.62.64 
गदया वध्यमानास्ते मार्गणैश्च समन्तत:।
स्वान्यनीकानि मृद्नन्त: प्राद्रवन् कुञ्जरास्तव॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपकी सेना के वे सभी हाथी चारों ओर से गदाओं और बाणों द्वारा आक्रमण करके अपने ही सैनिकों को कुचलते हुए भाग रहे थे।
 
Maharaj! Being attacked from all sides by maces and arrows, all those elephants of your army were running away trampling their own soldiers. 64.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)