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mahabharat 6.62.53: भीमसेन के मार्ग में मैंने उनके द्वारा मारे गए पर्वताकार हाथियों को पड़े देखा। हे राजन! मैंने अन्य बहुत से हाथियों को भी देखा जिनके मुँह से झाग निकल रहा था। 53.   |   mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.62.53 
भीमसेनस्य मार्गेषु पतितान् पर्वतोपमान्।
अपश्यं निहतान् नागान् राजन् निष्ठीवतोऽपरान्॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन के मार्ग में मैंने उनके द्वारा मारे गए पर्वताकार हाथियों को पड़े देखा। हे राजन! मैंने अन्य बहुत से हाथियों को भी देखा जिनके मुँह से झाग निकल रहा था। 53.
 
On the path of Bhimasena I saw the mountain-like elephants killed by him lying there. O King! I saw many other elephants foaming at their mouths. 53.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)