Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.62.44: हाथी पर सवार योद्धाओं के धड़, उनके सिर कट जाने के बाद भी, हाथियों की पीठ पर रखे हुए, पर्वत शिखरों पर वृक्षविहीन चोटियों के समान प्रतीत हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हाथी पर सवार योद्धाओं के धड़, उनके सिर कट जाने के बाद भी, हाथियों की पीठ पर रखे हुए, पर्वत शिखरों पर वृक्षविहीन चोटियों के समान प्रतीत हो रहे थे।
The torsos of the elephant-riding warriors, even after their heads were cut off, resting on the backs of the elephants, appeared like treeless peaks on mountain tops.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥