श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  6.62.42 
क्षुरै: क्षुरप्रैर्भल्लैश्च पीतैश्चाञ्जलिकै: शितै:।
व्यहरन्नुत्तमाङ्गानि पाण्डवा गजयोधिनाम्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव रथियों ने क्षुर, क्षुरप्र, पीतवर्णी भालों तथा तीक्ष्ण अंजलिकाओं नामक बाणों से हाथी पर सवार योद्धाओं के सिर काटने आरम्भ कर दिए।
 
The Pandava charioteers began cutting off the heads of the elephant-riding warriors with arrows called Kshura, Kshurapra, yellow-coloured spears and sharp Anjalikas.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd