श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.62.39 
तस्य नादेन महता मनोहृदयकम्पिना।
व्यत्यचेष्टन्त संहत्य गजा भीमस्य गर्जत:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन की मन और हृदय को कंपा देने वाली भयंकर गर्जना से सभी हाथी एकत्र हो गए और भय के कारण अचेत हो गए। 39.
 
Due to the terrifying roar of Bhimasena which shook the mind and heart, all the elephants gathered together and became motionless and unconscious due to fear. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)