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mahabharat 6.62.29-30h: माद्री के पुत्र नकुल और सहदेव ने, जिन्होंने अपनी माता को प्रसन्न किया था, अपने चाचा शल्य को तीखे बाणों से घायल कर दिया। यह एक अद्भुत घटना थी।   |   mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.62.29-30h 
माद्रीपुत्रौ तु समरे मातुलं मातृनन्दनौ॥ २९॥
अविध्येतां शरैस्तीक्ष्णैस्तदद्भुतमिवाभवत्।
 
 
अनुवाद
माद्री के पुत्र नकुल और सहदेव ने, जिन्होंने अपनी माता को प्रसन्न किया था, अपने चाचा शल्य को तीखे बाणों से घायल कर दिया। यह एक अद्भुत घटना थी।
 
Madri's sons Nakula and Sahadeva, who made their mother happy, wounded their uncle Shalya with sharp arrows. This was a wonderful thing. 29 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)