Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.62.24: महाराज! वे सब कुटुम्बी थे, परन्तु परस्पर प्रतिस्पर्धा के कारण आपस में झगड़ते रहते थे। एक-दूसरे के प्रति द्वेष से भरे हुए वे बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग करके एक-दूसरे पर आक्रमण और प्रति-आक्रमण करते रहते थे॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! वे सब कुटुम्बी थे, परन्तु परस्पर प्रतिस्पर्धा के कारण आपस में झगड़ते रहते थे। एक-दूसरे के प्रति द्वेष से भरे हुए वे बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग करके एक-दूसरे पर आक्रमण और प्रति-आक्रमण करते रहते थे॥ 24॥
Maharaj! They were all family members, but were fighting due to mutual competition. Filled with resentment towards each other, they used to attack and counter-attack each other using big weapons.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥