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mahabharat 6.62.23: उस समय वे सब लोग क्रोध से भर गए थे। सब एक-दूसरे को मार डालना चाहते थे। सब एक-दूसरे को डाँट रहे थे और सब एक-दूसरे को कुचलने का प्रयत्न कर रहे थे॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.62.23 
ते तदा जातसंरम्भा: सर्वेऽन्योन्यं जिघांसव:।
अन्योन्यमभिमर्दन्त: स्पर्धमाना: परस्परम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस समय वे सब लोग क्रोध से भर गए थे। सब एक-दूसरे को मार डालना चाहते थे। सब एक-दूसरे को डाँट रहे थे और सब एक-दूसरे को कुचलने का प्रयत्न कर रहे थे॥ 23॥
 
At that time all of them were filled with anger. Everybody wanted to kill each other. Everybody was reprimanding each other and everybody was trying to crush everybody else.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)