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श्लोक 6.62.22  |
शस्त्राण्यनेकरूपाणि विसृजन्तो महारथा:।
अन्योन्यमभिनर्दन्त: सम्प्रहारं प्रचक्रिरे॥ २२॥ |
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| अनुवाद |
| परन्तु आपके और पाण्डवों के महारथी योद्धा गर्जना करते हुए एक दूसरे पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करते हुए युद्ध करने लगे ॥22॥ |
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| But your and the Pandava's mighty warriors roared and fought, showering various kinds of weapons upon each other. ॥22॥ |
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