Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.62.18-19: आपके इन दस महारथियों को क्रोधित भीमसेन, द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न, माद्रिकाकुमार पाण्डुपुत्र नकुल-सहदेव, पाँचों भाई द्रौपदीकुमार और अभिमन्यु - इन दस महारथियों ने रोक लिया था। प्रजानाथ! ये सब लोग नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से आक्रमण कर रहे थे। 18-19॥ | mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तान् भीमसेन: संक्रुद्धो धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:।
द्रौपदेयाऽभिमन्युश्च माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ॥ १८॥
धार्तराष्ट्रान् दश रथान् दशैव प्रत्यवारयन्।
नानारूपाणि शस्त्राणि विसृजन्तो विशाम्पते॥ १९॥
अनुवाद
आपके इन दस महारथियों को क्रोधित भीमसेन, द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न, माद्रिकाकुमार पाण्डुपुत्र नकुल-सहदेव, पाँचों भाई द्रौपदीकुमार और अभिमन्यु - इन दस महारथियों ने रोक लिया था। प्रजानाथ! ये सब लोग नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से आक्रमण कर रहे थे। 18-19॥
These ten great charioteers of yours were stopped by the angry Bhimsen, Drupada's son Dhrishtadyumna, Madrika Kumar Pandu's son Nakul-Sahadeva, the five brothers Draupadi Kumar and Abhimanyu - these ten great charioteers were stopped. Prajanath! All these people were attacking with different types of weapons. 18-19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥