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mahabharat 6.62.16-17: भारत आपको शुभकामनाएँ। दुर्योधन, विकर्ण, दुःशासन, विविंशति, दुर्मर्षण, दुःसह, चित्रसेन, दुर्मुख, सत्यव्रत और पुरुमित्र- ये युद्धभूमि में आपके पुत्र मद्रराज के रथ की रक्षा के लिये खड़े थे। 16-17॥   |   mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.62.16-17 
दुर्योधनो विकर्णश्च दु:शासनविविंशती।
दुर्मर्षणो दु:सहश्च चित्रसेनोऽथ दुर्मुख:॥ १६॥
सत्यव्रतश्च भद्रं ते पुरुमित्रश्च भारत।
एते मद्राधिपरथं पालयन्त: स्थिता रणे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
भारत आपको शुभकामनाएँ। दुर्योधन, विकर्ण, दुःशासन, विविंशति, दुर्मर्षण, दुःसह, चित्रसेन, दुर्मुख, सत्यव्रत और पुरुमित्र- ये युद्धभूमि में आपके पुत्र मद्रराज के रथ की रक्षा के लिये खड़े थे। 16-17॥
 
India Good luck to you. Duryodhana, Vikarna, Dushasan, Vivimshati, Durmarshan, Dushah, Chitrasen, Durmukh, Satyavrata and Purumitra—these were standing in the battlefield protecting the chariot of your son Madraraja. 16-17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)