श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.62.11 
तत: शल्यो महाराज धृष्टद्युम्नस्य संयुगे।
धनुश्चिच्छेद भल्लेन पीतेन निशितेन च॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् युद्धभूमि में राजा शल्य ने माथे पर तीक्ष्ण किये हुए पीले रंग के भल्ल नामक बाण से धृष्टद्युम्न का धनुष काट डाला।
 
Maharaj! Thereafter on the battlefield King Shalya cut off the bow of Dhrishtadyumna with a yellow colored arrow called Bhall which was sharpened on the brow.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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