Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.62.1: धृतराष्ट्र बोले - संजय! मैं पुरुषार्थ की अपेक्षा भाग्य को अधिक महत्वपूर्ण मानता हूँ, जिसके कारण मेरे पुत्र दुर्योधन की सेना पाण्डव सेना के हाथों कष्ट भोग रही है। | mahabharat अध्याय 6.62: धृष्टद्युम्न और शल्य आदि दोनों पक्षके वीरोंका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र बोले - संजय! मैं पुरुषार्थ की अपेक्षा भाग्य को अधिक महत्वपूर्ण मानता हूँ, जिसके कारण मेरे पुत्र दुर्योधन की सेना पाण्डव सेना के हाथों कष्ट भोग रही है।
Dhritarashtra said - Sanjaya! I consider destiny to be more important than effort, due to which my son Duryodhan's army is suffering at the hands of the Pandava army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥