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mahabharat 6.61.21: तब शल के पुत्र ने युद्ध में उन्मत्त धृष्टद्युम्न को तीस बाणों से तथा उसके सारथि को दस बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.61: अभिमन्युका पराक्रम और धृष्टद्युम्नद्वारा शलके पुत्रका वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 61: अभिमन्युका पराक्रम और धृष्टद्युम्नद्वारा शलके पुत्रका वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.61.21 
तत: सांयमने: पुत्र: पाञ्चाल्यं युद्धदुर्मदम्।
अविध्यत् त्रिंशता बाणैर्दशभिश्चास्य सारथिम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तब शल के पुत्र ने युद्ध में उन्मत्त धृष्टद्युम्न को तीस बाणों से तथा उसके सारथि को दस बाणों से घायल कर दिया।
 
Then Shala's son wounded the battle-mad Dhrishtadyumna with thirty arrows and his charioteer with ten arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)