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mahabharat 6.61.17: महाबली धृष्टद्युम्न के द्वारा रक्षित, जो एक शक्तिशाली धनुष धारण किये हुए थे, युद्ध के लिए तैयार होकर, अत्यन्त शोभायमान हो रही थी; उसके सारथी, हाथी सवार और घुड़सवार सभी क्रोध से भरे हुए थे।   |   mahabharat अध्याय 6.61: अभिमन्युका पराक्रम और धृष्टद्युम्नद्वारा शलके पुत्रका वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 61: अभिमन्युका पराक्रम और धृष्टद्युम्नद्वारा शलके पुत्रका वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.61.17 
तेन कीर्तिमता गुप्तमनीकं दृढधन्वना।
संरब्धरथनागाश्वं योत्स्यमानमशोभत॥ १७॥
 
 
अनुवाद
महाबली धृष्टद्युम्न के द्वारा रक्षित, जो एक शक्तिशाली धनुष धारण किये हुए थे, युद्ध के लिए तैयार होकर, अत्यन्त शोभायमान हो रही थी; उसके सारथी, हाथी सवार और घुड़सवार सभी क्रोध से भरे हुए थे।
 
Protected by the illustrious Dhrishtadyumna, who wielded a strong bow, the army prepared for battle and looked very splendid; its charioteers, elephant riders and horsemen were all filled with rage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)