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mahabharat 6.60.20: उस समय जब घुड़सवार और पैदल सैनिक भयंकर रूप से मारे जा रहे थे, हाथी, घोड़े और रथ सभी अत्यन्त भयभीत थे, तब महारथियों से घिरे हुए भीष्म ने अर्जुन को वानर चिन्ह वाला ध्वज लिये देखा।   |   mahabharat अध्याय 6.60: चौथे दिन—दोनों सेनाओंका व्यूह-निर्माण तथा भीष्म और अर्जुनका द्वैरथ-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.20 
सम्भ्रान्तनागाश्वरथे मुहूर्ते
महाक्षये सादिपदातियूनाम्।
महारथै: सम्परिवार्यमाणो
ददर्श भीष्म: कपिराजकेतुम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उस समय जब घुड़सवार और पैदल सैनिक भयंकर रूप से मारे जा रहे थे, हाथी, घोड़े और रथ सभी अत्यन्त भयभीत थे, तब महारथियों से घिरे हुए भीष्म ने अर्जुन को वानर चिन्ह वाला ध्वज लिये देखा।
 
At that moment when the horsemen and foot soldiers were being slaughtered fiercely and the elephants, horses and chariots were all lying in utter panic, Bhishma, surrounded by mighty car-warriors, saw Arjuna bearing a flag bearing the symbol of a monkey.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)