Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.60.19: हाथियों के वेग से बहुत से घुड़सवार और पैदल सैनिक कुचलकर मर गए। वे उनके दांतों और निचले अंगों से कुचले जा रहे थे। अचानक उनकी करुण पुकार सुनकर सारी प्रजा अत्यंत दुःखी हो गई॥19॥ | mahabharat अध्याय 6.60: चौथे दिन—दोनों सेनाओंका व्यूह-निर्माण तथा भीष्म और अर्जुनका द्वैरथ-युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गजौघवेगोद्धतसादितानां
श्रुत्वा विषेदु: सहसा मनुष्या:।
आर्तस्वनं सादिपदातियूनां
विषाणगात्रावरताडितानाम्॥ १९॥
अनुवाद
हाथियों के वेग से बहुत से घुड़सवार और पैदल सैनिक कुचलकर मर गए। वे उनके दांतों और निचले अंगों से कुचले जा रहे थे। अचानक उनकी करुण पुकार सुनकर सारी प्रजा अत्यंत दुःखी हो गई॥19॥
Many horsemen and foot soldiers were crushed to death by the speed of the elephants. They were being crushed by their teeth and lower limbs. Suddenly all the people felt very sad on hearing their painful cries.॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥