Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.60.16-17: हाथियों के प्रहार से हाथी और पैदल सेना के प्रहार से पैदल सेना भूमि पर गिर रही थी। उत्तम घोड़ों के समूह उत्तम घोड़ों के समूहों पर आक्रमण कर रहे थे और प्रत्युत्तर दे रहे थे। सवारों की तलवारों और भालों के प्रहारों से घायल होकर ये घोड़े भयानक और अद्भुत लग रहे थे। सूर्य के समान चमकने वाले और सुवर्णमय तारों के चिह्नों से सुशोभित कवच कुल्हाड़ियों, तलवारों और भालों के प्रहारों से छिन्न-भिन्न होकर भूमि पर गिर रहे थे॥16-17॥ | mahabharat अध्याय 6.60: चौथे दिन—दोनों सेनाओंका व्यूह-निर्माण तथा भीष्म और अर्जुनका द्वैरथ-युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हाथियों के प्रहार से हाथी और पैदल सेना के प्रहार से पैदल सेना भूमि पर गिर रही थी। उत्तम घोड़ों के समूह उत्तम घोड़ों के समूहों पर आक्रमण कर रहे थे और प्रत्युत्तर दे रहे थे। सवारों की तलवारों और भालों के प्रहारों से घायल होकर ये घोड़े भयानक और अद्भुत लग रहे थे। सूर्य के समान चमकने वाले और सुवर्णमय तारों के चिह्नों से सुशोभित कवच कुल्हाड़ियों, तलवारों और भालों के प्रहारों से छिन्न-भिन्न होकर भूमि पर गिर रहे थे॥16-17॥
Elephants fell to the ground under the blows of elephants and infantry under the blows of infantry. Groups of fine horses attacked and counter-attacked groups of fine horses. These horses looked terrifying and amazing after being wounded by the blows of swords and lances of the riders. The armours shining like the sun and adorned with the signs of golden stars were falling to the ground after being torn by the blows of axes, swords and lances.॥16-17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥