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mahabharat 6.60.13: समस्त सेनाओं में शंखनाद, तुरहियाँ, रथों की गर्जना और योद्धाओं की गर्जना गूँजने लगी। फिर योद्धाओं द्वारा खींचे गए धनुष-बाणों की महान टंकार गूँजने लगी॥13॥   |   mahabharat अध्याय 6.60: चौथे दिन—दोनों सेनाओंका व्यूह-निर्माण तथा भीष्म और अर्जुनका द्वैरथ-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.13 
शङ्खस्वनास्तूर्यरथस्वनाश्च
सर्वेष्वनीकेषु ससिंहनादा:।
तत: सबाणानि महास्वनानि
विस्फार्यमाणानि धनूंषि वीरै:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
समस्त सेनाओं में शंखनाद, तुरहियाँ, रथों की गर्जना और योद्धाओं की गर्जना गूँजने लगी। फिर योद्धाओं द्वारा खींचे गए धनुष-बाणों की महान टंकार गूँजने लगी॥13॥
 
The sound of blowing of conches, sound of trumpets, roar of chariots and roar of warriors started resounding in all the armies. Then the great twang of bows and arrows drawn by the warriors resounded.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)