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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 60: चौथे दिन—दोनों सेनाओंका व्यूह-निर्माण तथा भीष्म और अर्जुनका द्वैरथ-युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.60.10 
प्रकर्षता गुप्तमुदायुधेन
किरीटिना लोकमहारथेन।
तं व्यूहराजं ददृशुस्त्वदीया-
श्चतुश्चतुर्व्यालसहस्रकर्णम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
आपके सैनिकों ने युद्धभूमि की वह व्यूहरचना देखी जिसमें प्रसिद्ध योद्धा, किरीटधारी अर्जुन अपने अस्त्र-शस्त्र सुरक्षित रूप से ला रहे थे और जिसमें प्रत्येक दिशा में चार हजार उन्मत्त हाथी खड़े थे॥10॥
 
Your soldiers saw the formation of the battle-field in which the famous warrior, crown-wearing Arjuna, was bringing his weapons safely with him and in which four thousand mad elephants were stationed in each direction.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)