Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.60.1: संजय कहते हैं - भरत! जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तब भरतवंशियों की सेना के अग्रभाग में स्थित महाबली भीष्म, सम्पूर्ण सेना से घिरे हुए, शत्रुओं से युद्ध करने के लिए चले। उस समय वे शत्रुओं पर अत्यन्त क्रोधित थे॥1॥ | mahabharat अध्याय 6.60: चौथे दिन—दोनों सेनाओंका व्यूह-निर्माण तथा भीष्म और अर्जुनका द्वैरथ-युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय उवाच
व्युष्टां निशां भारत भारताना-
मनीकिनीनां प्रमुखे महात्मा।
ययौ सपत्नान् प्रति जातकोपो
वृत: समग्रेण बलेन भीष्म:॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - भरत! जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तब भरतवंशियों की सेना के अग्रभाग में स्थित महाबली भीष्म, सम्पूर्ण सेना से घिरे हुए, शत्रुओं से युद्ध करने के लिए चले। उस समय वे शत्रुओं पर अत्यन्त क्रोधित थे॥1॥
Sanjaya says - Bharat! When the night passed and the morning came, the great Bhishma, who was stationed in the front of the army of the Bharat dynasty, surrounded by the entire army, went to fight the enemies. At that time he was very angry with the enemies.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥