Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.77: सात्यकि ने दूर से देखा कि किरीटधारी अर्जुन को घोड़ों, पैदलों और सारथियों सहित लाखों सैनिकों ने घेर लिया है। हाथी-राजाओं और युवा-सेनापतियों ने भी उन्हें चारों ओर से घेर लिया है। | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यकि ने दूर से देखा कि किरीटधारी अर्जुन को घोड़ों, पैदलों और सारथियों सहित लाखों सैनिकों ने घेर लिया है। हाथी-राजाओं और युवा-सेनापतियों ने भी उन्हें चारों ओर से घेर लिया है।
Satyaki saw from a distance that the crown-wearing Arjun was surrounded by several lakhs of soldiers including horses, infantry and charioteers. The elephant-kings and youth-captains had also surrounded him from all sides.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥