Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.75-76: तब द्रोण, विकर्ण, जयद्रथ, भूरिश्रवा, कृतवर्मा, कृपाचार्य, श्रुतायु, राजा अम्बष्ठपति, विन्द, अनुविन्द, सुदक्षिण, पूर्व के राजा, सौवीर देश के क्षत्रिय, वसति, क्षुद्रक और मालवगण- ये सभी शान्तनुनन्दन भीष्म की आज्ञा मानकर तुरंत मुकुट धारण किये हुए अर्जुन के सामने आ गये। 75-76॥ | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब द्रोण, विकर्ण, जयद्रथ, भूरिश्रवा, कृतवर्मा, कृपाचार्य, श्रुतायु, राजा अम्बष्ठपति, विन्द, अनुविन्द, सुदक्षिण, पूर्व के राजा, सौवीर देश के क्षत्रिय, वसति, क्षुद्रक और मालवगण- ये सभी शान्तनुनन्दन भीष्म की आज्ञा मानकर तुरंत मुकुट धारण किये हुए अर्जुन के सामने आ गये। 75-76॥
Then Drona, Vikarna, Jayadratha, Bhurishrava, Kritavarma, Kripacharya, Shrutayu, King Ambasthapati, Vind, Anuvind, Sudakshin, the eastern kings, the Sauvira country Kshatriyas, Vasati, Kshudraka and Malavagans - all of them, following the orders of Shantanunandan Bhishma, immediately came near to face Arjuna wearing the crown. 75-76॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥