Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.70-71: महाबली पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर की यह विशाल सेना भाग रही है और कौरवगण युद्धस्थल में सोमकों को शीघ्रता से भागते देखकर उन्हें भगा रहे हैं, जिससे पितामह का हर्ष बढ़ रहा है; अतः आज मैं स्वयं पाण्डवों के लिए कवच धारण करके भीष्म का वध करूँगा। | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबली पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर की यह विशाल सेना भाग रही है और कौरवगण युद्धस्थल में सोमकों को शीघ्रता से भागते देखकर उन्हें भगा रहे हैं, जिससे पितामह का हर्ष बढ़ रहा है; अतः आज मैं स्वयं पाण्डवों के लिए कवच धारण करके भीष्म का वध करूँगा।
This huge army of Yudhishthira, son of the great Pandu, is fleeing and the Kauravas, seeing the Somakas running quickly on the battlefield, are chasing them away, increasing the joy of the grandfather; therefore, today, wearing the armour for the Pandavas, I myself will slay Bhishma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥