Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.57-58: अर्जुन की चपलता देखकर शान्तनुपुत्र भीष्म ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा, 'महाबाहु कुन्तीकुमार! तुम्हें बधाई। पाण्डुपुत्र! धन्यवाद। पुत्र! मैं तुम्हारी चपलता से अत्यन्त प्रसन्न हूँ। धनंजय! यह महान् कार्य तुम्हारे ही योग्य है। तुम मेरे साथ युद्ध करो।' | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन की चपलता देखकर शान्तनुपुत्र भीष्म ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा, 'महाबाहु कुन्तीकुमार! तुम्हें बधाई। पाण्डुपुत्र! धन्यवाद। पुत्र! मैं तुम्हारी चपलता से अत्यन्त प्रसन्न हूँ। धनंजय! यह महान् कार्य तुम्हारे ही योग्य है। तुम मेरे साथ युद्ध करो।'
Seeing Arjun's agility, Shantanu's son Bhishma praised him and said, 'Mahabahu Kuntikumar! Congratulations to you. Son of Pandu! Thank you. Son! I am very pleased with your agility. Dhananjaya! This great deed is worthy of you only. You fight with me.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥