Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.59.51: तत्पश्चात् भीष्मजी सिंह के समान बारंबार गर्जना करते हुए अर्जुन के रथ पर शीघ्रतापूर्वक बाणों की वर्षा करने लगे॥51॥   |   mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  6.59.51 
ततो भीष्म: कुरुश्रेष्ठ सिंहवद् विनदन् मुहु:।
धनंजयरथं शीघ्रं शरवर्षैरवाकिरत्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भीष्मजी सिंह के समान बारंबार गर्जना करते हुए अर्जुन के रथ पर शीघ्रतापूर्वक बाणों की वर्षा करने लगे॥51॥
 
Kurushrestha! Thereafter, Bhishma, roaring again and again like a lion, started rapidly showering arrows on Arjuna's chariot. 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)