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mahabharat 6.59.50: उस समय महाबाहु अर्जुन को युद्धस्थल में भीष्म से युद्ध करने के लिए तैयार देखकर युधिष्ठिर की विशाल सेना पुनः लौट आई ॥50॥   |   mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  6.59.50 
ततस्तत् पुनरावृत्तं युधिष्ठिरबलं महत्।
दृष्ट्वा पार्थं महाबाहुं भीष्मायोद्यतमाहवे॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
उस समय महाबाहु अर्जुन को युद्धस्थल में भीष्म से युद्ध करने के लिए तैयार देखकर युधिष्ठिर की विशाल सेना पुनः लौट आई ॥50॥
 
At that time, seeing the mighty-armed Arjun ready to take on Bhishma in the battlefield, the huge army of Yudhishthira returned again. 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)