vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति
»
श्लोक 38-39h
श्लोक
6.59.38-39h
जघानात्र पिता पुत्रं पुत्रश्च पितरं तथा॥ ३८॥
प्रियं सखायं चाक्रन्दे सखा दैवबलात्कृत:।
अनुवाद
इस युद्धमें भगवान्के प्रभावसे पिताने अपने पुत्रको, पुत्रने अपने पिताको और मित्रने अपने प्रिय मित्रको मार डाला । 38 1/2॥
In this war, under the influence of God, the father killed his son, the son killed his father and the friend killed his dear friend. 38 1/2॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas