Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.36-37h: महाराज! महेन्द्र के समान पराक्रमी भीष्म के द्वारा मारे जाने पर वह विशाल सेना इस प्रकार बिखर गई कि उसके दो सैनिक भी एक साथ भाग नहीं सके। | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महेन्द्रसमवीर्येण वध्यमाना महाचमू:॥ ३६॥
अभज्यत महाराज न च द्वौ सह धावत:।
अनुवाद
महाराज! महेन्द्र के समान पराक्रमी भीष्म के द्वारा मारे जाने पर वह विशाल सेना इस प्रकार बिखर गई कि उसके दो सैनिक भी एक साथ भाग नहीं सके।
Maharaj! After being struck by Bhishma who was as valiant as Mahendra, that huge army was scattered in such a manner that even two of its soldiers could not flee together.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥