Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.29-30h: युद्ध में भीष्म द्वारा मनुष्यों, हाथियों और घोड़ों पर छोड़े गए बाणों में से कोई भी व्यर्थ नहीं गया। एक तो उनके पास बहुत से बाण थे और दूसरे, वे उन्हें बड़ी फुर्ती से चलाते थे। | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न हि मोघ: शर: कश्चिदासीद् भीष्मस्य संयुगे॥ २९॥
नरनागाश्वकायेषु बहुत्वाल्लघुयोधिन:।
अनुवाद
युद्ध में भीष्म द्वारा मनुष्यों, हाथियों और घोड़ों पर छोड़े गए बाणों में से कोई भी व्यर्थ नहीं गया। एक तो उनके पास बहुत से बाण थे और दूसरे, वे उन्हें बड़ी फुर्ती से चलाते थे।
In the war, none of Bhishma's arrows shot on the bodies of men, elephants and horses went in vain. Firstly, he had many arrows and secondly, he shot them with great agility.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥