Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.59.26: पांडवों में से कोई भी उन्हें देख नहीं पा रहा था। सभी लोग भीष्म के धनुष से छूटे हुए असंख्य बाणों को देख रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.59.26 
न चैवं पाण्डवेयानां कश्चिच्छक्नोति वीक्षितुम्।
विशिखानेव पश्यन्ति भीष्मचापच्युतान् बहून्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
पांडवों में से कोई भी उन्हें देख नहीं पा रहा था। सभी लोग भीष्म के धनुष से छूटे हुए असंख्य बाणों को देख रहे थे।
 
None of the Pandavas could see him. Everybody was looking at the numerous arrows shot from Bhishma's bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)