Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.133-134h: धनंजय भी शत्रुओं पर विजय पाकर, जगत में यश और कीर्ति प्राप्त करके, अपने भाइयों और राजाओं के साथ कार्य पूरा करके रात्रि के प्रारम्भ में ही अपने शिविर में लौट आया। | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धनंजय भी शत्रुओं पर विजय पाकर, जगत में यश और कीर्ति प्राप्त करके, अपने भाइयों और राजाओं के साथ कार्य पूरा करके रात्रि के प्रारम्भ में ही अपने शिविर में लौट आया।
Dhananjaya, too, having conquered his enemies and having gained fame and good reputation in the world, having completed the task along with his brothers and kings, returned to his camp at the beginning of the night. 133 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥