Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.59.112: तत्पश्चात् वीर अर्जुन ने दो बाणों से शान्तनुनन्दन भीष्म की छोड़ी हुई बिजली के समान शक्तियों को तथा मद्रराज शल्य की भुजाओं से छूटी हुई गदा को भी काट डाला ॥112॥ | mahabharat अध्याय 6.59: भीष्मका पराक्रम, श्रीकृष्णका भीष्मको मारनेके लिये उद्यत होना, अर्जुनकी प्रतिज्ञा और उनके द्वारा कौरव-सेनाकी पराजय, तृतीय दिवसके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: शुभामापततीं स शक्तिं
विद्युत्प्रभां शान्तनवेन मुक्ताम्।
गदां च मद्राधिपबाहुमुक्तां
द्वाभ्यां शराभ्यां निचकर्त वीर:॥ ११२॥
अनुवाद
तत्पश्चात् वीर अर्जुन ने दो बाणों से शान्तनुनन्दन भीष्म की छोड़ी हुई बिजली के समान शक्तियों को तथा मद्रराज शल्य की भुजाओं से छूटी हुई गदा को भी काट डाला ॥112॥
After that, the brave Arjun cut down with two arrows the lightning-like powers released by Shantanunandan Bhishma and also the mace freed from the arms of Madraraja Shalya. 112॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥