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mahabharat 6.58.8: वहाँ पहुँचकर क्रोध में भरे हुए सुबल के पुत्रों ने युद्धस्थल में नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सात्यकि के उत्तम रथ को टुकड़े-टुकड़े कर डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.58: पाण्डव-वीरोंका पराक्रम, कौरव-सेनामें भगदड़ तथा दुर्योधन और भीष्मका संवाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 58: पाण्डव-वीरोंका पराक्रम, कौरव-सेनामें भगदड़ तथा दुर्योधन और भीष्मका संवाद  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.58.8 
तत्र सौबलका: क्रुद्धा वार्ष्णेयस्य रथोत्तमम्।
तिलशश्चिच्छिदु: क्रोधाच्छस्त्रैर्नानाविधैर्युधि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पहुँचकर क्रोध में भरे हुए सुबल के पुत्रों ने युद्धस्थल में नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सात्यकि के उत्तम रथ को टुकड़े-टुकड़े कर डाला।
 
On reaching there, the sons of Subala, filled with anger, angrily cut Satyaki's excellent chariot into pieces with various kinds of weapons on the battlefield. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)