श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 58: पाण्डव-वीरोंका पराक्रम, कौरव-सेनामें भगदड़ तथा दुर्योधन और भीष्मका संवाद  »  श्लोक 5-6
 
 
श्लोक  6.58.5-6 
तत्र तल्लाघवं दृष्ट्वा बीभत्सोरतिमानुषम्॥ ५॥
देवदानवगन्धर्वा: पिशाचोरगराक्षसा:।
साधु साध्विति राजेन्द्र फाल्गुनं प्रत्यपूजयन्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! अर्जुन की अलौकिक चपलता देखकर देवता, दानव, गन्धर्व, पिशाच, नाग और राक्षस ‘वाह-वाह’ कहकर उसकी स्तुति करने लगे॥5-6॥
 
Rajendra! Seeing the supernatural agility of Arjuna, gods, demons, Gandharvas, vampires, snakes and demons started praising him by saying 'wow-wow'. 5-6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)