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श्लोक  6.58.45 
एवमुक्ते तु भीष्मेण पुत्रास्तव जनेश्वर।
दध्मु: शङ्खान् मुदा युक्ता भेरी: संजघ्निरे भृशम्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! जब भीष्म ने ऐसा कहा, तब आपके पुत्र अत्यन्त प्रसन्न हो गये और जोर-जोर से शंख और नगाड़े बजाने लगे।
 
O lord! When Bhishma said this, your sons became overjoyed and started blowing their conches and beating their drums loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)