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श्लोक  6.58.42 
बहुशोऽसि मया राजंस्तथ्यमुक्तो हितं वच:।
अजेया: पाण्डवा युद्धे देवैरपि सवासवै:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! मैंने तुमसे अनेक बार यह सत्य और कल्याणकारी बात कही है कि इन्द्र जैसे देवता भी पाण्डवों को युद्ध में नहीं हरा सकते।
 
O King! I have told you many times this truth and beneficial fact that even gods like Indra cannot defeat the Pandavas in war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)