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mahabharat 6.58.2: हे भरतपुत्र! वे राजा रथियों द्वारा अर्जुन को चारों ओर से घेरकर उस पर हजारों बाणों की वर्षा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.58: पाण्डव-वीरोंका पराक्रम, कौरव-सेनामें भगदड़ तथा दुर्योधन और भीष्मका संवाद   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.58.2 
अथैनं रथवृन्देन कोष्ठकीकृत्य भारत।
शरै: सुबहुसाहस्रै: समन्तादभ्यवारयन्॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! वे राजा रथियों द्वारा अर्जुन को चारों ओर से घेरकर उस पर हजारों बाणों की वर्षा करने लगे।
 
O son of Bharata! Those kings, having surrounded Arjuna from all sides with a fleet of chariots, began showering thousands of arrows upon him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)