श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 58: पाण्डव-वीरोंका पराक्रम, कौरव-सेनामें भगदड़ तथा दुर्योधन और भीष्मका संवाद  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.58.15 
तत्राद्भुतमपश्याम हैडिम्बस्य पराक्रमम्।
अतीत्य पितरं युद्धे यदयुध्यत भारत॥ १५॥
 
 
अनुवाद
भारत! वहाँ हमने हिडिम्ब के पुत्र घटोत्कच का अद्भुत पराक्रम देखा। वह अपने पिता से भी अधिक पराक्रम दिखाते हुए युद्धभूमि में युद्ध कर रहा था॥15॥
 
Bharat! There we saw the amazing valour of Hidimba's son Ghatotkacha. He was fighting in the battlefield displaying greater valour than his father.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)