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mahabharat 6.57.33-34: भरतपुत्र! इसी प्रकार भीमसेन, राक्षस घटोत्कच, सात्यकि, चेकितान और द्रौपदी के पाँचों पुत्र - ये सब मिलकर युद्धस्थल में समस्त राजाओं सहित आपके पुत्रों और सैनिकों का उसी प्रकार पीछा करने लगे, जैसे देवता राक्षसों को भगाते हैं॥33-34॥   |   mahabharat अध्याय 6.57: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 57: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध  »  श्लोक 33-34
 
 
श्लोक  6.57.33-34 
तथैव भीमसेनोऽपि राक्षसश्च घटोत्कच:।
सात्यकिश्चेकितानश्च द्रौपदेयाश्च भारत॥ ३३॥
तावकांस्तव पुत्रांश्च सहितान् सर्वराजभि:।
द्रावयामासुराजौ ते त्रिदशा दानवानिव॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
भरतपुत्र! इसी प्रकार भीमसेन, राक्षस घटोत्कच, सात्यकि, चेकितान और द्रौपदी के पाँचों पुत्र - ये सब मिलकर युद्धस्थल में समस्त राजाओं सहित आपके पुत्रों और सैनिकों का उसी प्रकार पीछा करने लगे, जैसे देवता राक्षसों को भगाते हैं॥33-34॥
 
Bharata's son! Similarly, Bhimasena, the demon Ghatotkacha, Satyaki, Chekitana and the five sons of Draupadi - all of them together started chasing your sons and soldiers along with all the kings in the battlefield, just as the gods chase away the demons. ॥ 33-34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)