Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.56.17-18h: नरेश्वर! इरावान के बाद भीमसेनपुत्र घटोत्कच और महारथी केकय खड़े हुए। तत्पश्चात मनुष्यों में श्रेष्ठ अर्जुन उस व्यूह के बाईं ओर अर्थात् सबसे ऊपर खड़े हुए, जिसके रक्षक साक्षात् भगवान श्रीकृष्ण हैं, जो सम्पूर्ण जगत का पालन करते हैं। 17 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.56: तीसरे दिन—कौरव-पाण्डवोंकी व्यूह-रचना तथा युद्धका आरम्भ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेश्वर! इरावान के बाद भीमसेनपुत्र घटोत्कच और महारथी केकय खड़े हुए। तत्पश्चात मनुष्यों में श्रेष्ठ अर्जुन उस व्यूह के बाईं ओर अर्थात् सबसे ऊपर खड़े हुए, जिसके रक्षक साक्षात् भगवान श्रीकृष्ण हैं, जो सम्पूर्ण जगत का पालन करते हैं। 17 1/2॥
Nareshwar! After Iravan, Bhimsen's son Ghatotkacha and Maharathi Kekay stood up. After that, Arjuna, the best among humans, stood on the left side or at the top of that array, whose protector is Lord Krishna in person, who maintains the entire world. 17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥